Welcome to my website
मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हमारा ये पेघाम हैं,“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”
मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,
और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हमारा ये पेघाम हैं,
“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,
वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”
No comments:
Post a Comment